NEET UG 2025 Re Examination Stay: जैसा कि आपको पता है कि अंधेरे की वजह से परीक्षा में परेशानी आई थी और इस परेशानी को देखते हुए प्रोजेक्टर छात्रों के द्वारा कोर्ट में याचिका दायर किया गया था जिस पर कोर्ट के द्वारा फैसले को सुना दिया गया है जिसमें कोर्ट के द्वारा छात्रों का पक्ष लिया गया था और हाई कोर्ट की सिंगल बेंच के द्वारा 1 जुलाई को नेशनल टेस्टिंग एजेंसी को निर्देश दिया गया था और यह कहा गया था कि सभी छात्रों को दोबारा एग्जाम कर लिया जाए कोर्ट के द्वारा कहा गया है कि इस बड़े फैसले पर सभी छात्रों में खुशी की लहर दौड़ पड़ा था। परंतु यह मामला लंबे समय तक नहीं टिका है क्योंकि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के द्वारा छात्रों के खिलाफ युगल पीठ में अपील दायर किया गया था जिसके बाद जस्टिस विनोद कुमार द्विवेदी और जस्टिस विवेक रसिया की की खण्ड पीठ के द्वारा दिए गए आदेश पर स्टे लगा दिया गया था।
4 मई को आयोजित कराया गया था परीक्षा
नीट यूजी की परीक्षा नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के माध्यम से पूरे देश भर में 4 मई को आयोजित करवाया गया था। उस दिन इंदौर जिले में भारी बारिश और भारी आंधी व तूफान देखने को मिला है। जिसकी वजह से बत्ती गुल हो गया था जिस वजह से बहुत से छात्रों को काफी बड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इसी वजह से वह अपना पेपर सही रूप से नहीं करा पाए हैं और इसी वजह से सभी छात्रों के द्वारा हाई कोर्ट में याचिका दायर किया गया था और सरकार के द्वारा परीक्षा कराई जाने की मांग किया गया था जिसके बाद कोर्ट के जज ने छात्रों के पक्ष में फैसला सुनाया है।
एकल पीठ के फैसले पर डबल बेंच ने लगाई रोक
हाई कोर्ट युगल पीठ में एकल पीठ के फैसले पर 1 जुलाई को रोक लगा दिया गया है। क्योंकि 1 जुलाई को हाई कोर्ट के युगल पीठ में सुनवाई रखा गया था। जिसमें नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के द्वारा उनकी तरफ से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता को पत्र रखे जाने का अवसर दिया गया था। उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अपने पक्ष को सामने रखते हुए कहा कि दोबारा एग्जाम कराए जाने का जो फैसला है वह गलत होगा। क्योंकि दोबारा परीक्षा कराया जाता है तो इन 75 छात्रों के लिए दोबारा पेपर फिर से बनाना पड़ेगा ऐसे में 22 लाख अभ्यर्थी कंट्रोवर्सी कर सकते हैं। जिस वजह से उनका पेपर था और यह कंट्रोवर्सी का विषय बन सकता है जिसके बाद नेशनल टेस्टिंग एजेंसी को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा ऐसे में नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के द्वारा इस केस पर रोक की मांग किया गया और कोर्ट ने इस समय में मंजूरी प्रदान कर दिया है।
छात्रों वकील का क्या है पक्ष जानिए
75 छात्रों की वकील के द्वारा अपना पक्ष रखते हुए नेेशनल टेस्टिंग एजेंसी का विरोध किया गया अगर सभी अभी काउंसलिंग शुरू कर दिया जाता है तो 75 छात्रों का भविष्य अधर में पड़ सकता है और अगर एक बार स्टेशन शुरू हो गया तो इन बच्चों के लिए काफी भारी नुकसान होगा और इनका 1 वर्ष जा सकता है। इसलिए इस केस पर कोर्ट ने रोक लगा दिया है और सभी छात्रों को नोटिस जारी करते हुए जवाब मांगा गया है अब जवाब आने के बाद इस केस की अगली सुनवाई 10 जुलाई को होने वाली है।