बीएड और डीएलएड एडमिशन वालों के लिए बड़ी आफत, NCTE ने रद्द हजारों कालेजों मान्यता NCTE BED Deled Big News

By: Ashu Singh

On: Thursday, July 3, 2025 12:25 PM

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NCTE BED Deled Big News: वर्तमान में सरकारी अध्यापकों की प्रशिक्षण की गुणवत्ता के सुधार हेतु राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद जिसे NCTE के नाम से भी जाना जाता है इनके द्वारा काफी बड़ा कदम उठा लिया गया है। लगातार राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद शिक्षक प्रशिक्षण हेतु बीएड व डीएलएड पर लगातार सख्ती बनाया हुआ है और इसी की वजह से देश भर के 2962 संस्थाओं की मान्यता को रद्द कर दिया गया है कि आपकी जानकारी के लिए बता देते हैं कि इन संस्थाओं को मार्च अप्रैल के महीने में एनसीटी के द्वारा कारण बताओं नोटिस भेजा गया है परंतु इसके बावजूद एनसीटीई को इन कॉलेज के द्वारा परफॉर्मेंस अप्रूवल रिपोर्ट जमा नहीं किया गया जिसकी पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन था इसी के चलते एनसीटीई ने यह बड़ा कदम उठाया है और इन सभी संस्थाओं की मान्यता को रद्द कर दिया गया है।

एडमिशन 2025-26 की काउंसलिंग से इन कॉलेजों को किया गया बाहर

राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद के माध्यम से स्पेशलिस्ट की सुनवाई के बाद 3000 के आसपास संस्थान है जहां पर नए विद्यार्थी एडमिशन द डीएलएड या बीएड कोर्स में अब नहीं ले पाएंगे। एडमिशन प्रक्रिया के साथ ही आगामी काउंसलिंग प्रक्रिया राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद के माध्यम से इन सभी संस्थाओं में पूरी तरीके से रोक लगा दिया गया है अभी भी अगर कोई संस्थान अपने यहां नए छात्रों को एडमिशन देता है तो छात्र की डिग्री की मान्यता मान्य नहीं होगा।

पुराने छात्रों को दिया गया राहत

ऐसे सभी छात्र जो कि 2024-25 तक शैक्षिक सत्र एडमिशन लिए हैं उनके लिए अध्यापक शिक्षा परिषद के द्वारा राहत प्रदान कर दिया गया क्योंकि वह सभी छात्र पहले से ही अपना कोर्स कर रहे हैं आराम से पूरा कर पाएंगे जिसकी अनुमति प्रदान कर दिया गया है। इसी की वजह से उन छात्रों के शैक्षणिक वर्ष खराब होने से वह बचा पाएंगे और उनकी डिग्री की मान्यता मिल पाएगी।

NCTE के आदेश की अवहेलना पर बड़ा कदम

टीचर एजुकेशन सिस्टम पर नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजुकेशन के माध्यम से बड़ी निगरानी बना हुआ है। सरकार के द्वारा शिक्षा प्रशिक्षण मुद्दे को बहुत प्राथमिकता के साथ अब लिया जा रहा है। ऐसे में एनसीटीई ने सितंबर 2019 के अंतर्गत सभी संस्थाओं को पीएआर को जमा कराए जाने का आदेश पारित किया था। यह आदेश उन सभी संस्थाओं के लिए महत्वपूर्ण था परंतु इस करें आदेश के बावजूद कई संस्था ऐसे थे जिन्होंने इस इग्नोर कर दिया था और कोई जवाब प्रस्तुत नहीं किया था। परंतु एनसीटीई के द्वारा यह आदेश इसलिए जारी किया गया है ताकि उन्हें यह पता चल पाए की संस्थाओं के द्वारा राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद के बने मानदंड का पालन हो पा रहा है या फिर नहीं हो पा रहा है। आदेश का उल्लंघन होने पर और पर जमा करने की जो लास्ट डेट 30 दिसंबर 2014 तक अपना पीएआर जमा करने पर राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद के द्वारा बड़ा कदम उठाया गया है।

डेडलाइन की डेट समाप्त अधिसूचना हो गया जारी

इस आदेश का डेडलाइन 30 दिसंबर 2024 तक था जिसके बाद नियमों का पालन न करने वाले सभी संस्थाओं के खिलाफ एक कमेटी को बनाया गया था जैसे की NCTE के द्वारा गठित किया गया था और इस कमेटी में पांच सदस्य सम्मिलित किए गए थे और पीएआर ना जमा करने वाले सभी संस्थाओं को दोषी इस आदेश का डेडलाइन 30 दिसंबर 2024 तक था। जिसके बाद नियमों का पालन न करने वाले सभी संस्थाओं के खिलाफ एक कमेटी को बनाया गया था। जैसे कि एलसीटीई के द्वारा गठित किया गया था और इस कमेटी में पांच सदस्य सम्मिलित किए गए थे और पीएआर ना जमा करने वाले सभी संस्थाओं को दोषी करार किया गया था। इसी के चलते इन सभी संस्थाओं की मान्यता को रद्द किया गया था।

संस्थाओं की की मान्यता रद्द पर उत्तर प्रदेश सबसे ऊपर है

आप सभी की जानकारी के लिए बता देते हैं उत्तर प्रदेश मान्यता रद्द लिस्ट में सबसे ऊपर है और उत्तर प्रदेश के अंदर 159 संस्थाओं की मान्यता को रद्द कर दिया गया है जो कि पूरे क्षेत्र के 86% है राष्ट्रीय स्तर पर यह देखा जाए तो यह 37% से भी अधिक है तमाम मीडिया रिपोर्ट के अनुसार उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा कॉलेज की मान्यता को रद्द किया गया है जिसमें तमिलनाडु के 361 कॉलेज कर्नाटक के 224 और कॉलेज महाराष्ट्र और कॉलेज गुजरात के 63 और कॉलेज राजस्थान व पश्चिम बंगाल के 18 और कॉलेज की मान्यता रद्द किया गया है।

यूपी के 1059 कॉलेज की मान्यता किया गया रद्द

उत्तर प्रदेश में B.Ed के 175 और बीपीएड के 22 कॉलेज हुआ M.Ed के 22 कॉलेज और डीएलएड के 380 कॉलेज की मानता को रद्द किया गया है बता दे इस महीने अलग से संबंधित विश्वविद्यालय कॉलेज का नाम भी दिया जा चुका है ऐसे में हालात को देखते हुए आगे बढ़े तो ऐसा लगता है कि यह मामला अदालत में भी जाने की संभावनाएं बन रही है एक बड़ी सूचना के तौर पर बता दें चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के 50 से ज्यादा कॉलेज की मान्यता रद्द की लिस्ट में सम्मिलित कर दिया गया है

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