NEET UG 2025 Supreme Court News: नीट यूजी 2025 की आंसर की को लेकर शिवम गांधी रैना के द्वारा एक जवाब को गलत बताते हुए सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दिया गया है। छात्र का यह कहना है कि राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी और मेडिकल काउंसिल कमेटी की वजह से उसकी रैंक गिर चुकी है अब उसे अच्छे मेडिकल कॉलेज में प्रवेश नहीं मिल पाएगा। जिस वजह से छात्र ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका को दायर किया है।
चौमुहा निवासी छात्र शिवम गांधी रहना के द्वारा अपने पिता अभय रहना के माध्यम से सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका को दायर किया गया है और 4 मई 2025 को उसके द्वारा नीट यूजी 2025 की परीक्षा दिया गया था। परीक्षा के बाद 3 जून को नेशनल टेस्टिंग एजेंसी और एमसीसी के द्वारा अंतिम उत्तर कुंजी जारी किया गया था। परीक्षा के दौरान छात्र को प्रश्न संख्या 52, 136 व 140 के जवाब गलत लगे थे और इसका संज्ञान लेते हुए अगले ही दिन यानी 4 जून को शिवम ने एनसीईआरटी की किताबों के आधार पर आपत्ति को दर्ज कराया था। इसके बाद भी 14 जून को जब फाइनल उत्तर पुस्तिका आया उसमें प्रश्न 136 का जवाब नहीं बदला गया था।
ऐसे करते को पांच अंको का कुल नुकसान देखने को मिला है उन्होंने यह भी बताया एनसीईआरटी की कक्षा 11वीं की जीव विज्ञान पाठ पुस्तक के प्रश्न 245 पर यह पूरी तरह से स्पष्ट लिखा है कि एड्रेनल कॉर्टिकल हारमोंस हृदय गति को नियंत्रित करते हैं जो कि छात्रों को कल 565 अंक मिला है इसके चलते ऑल इंडिया रैंक 6783 वह जनरल कैटेगरी में उनकी 3195 रैंक आया है यदि उनके पांच नंबर नहीं कटते तो उसे बेहतर मेडिकल कॉलेज में प्रवेश मिल जाता। इसलिए उसके द्वारा सुप्रीम कोर्ट में उत्तर पुस्तिका को सुधारने हेतु वह नए सिरे से रिजल्ट जारी करने हेतु वह आगामी काउंसलिंग प्रक्रिया पर रोक लगाने की मांग किया गया है साथ ही नेशनल टेस्टिंग एजेंसी को उत्तर पुस्तिका को पुनः जांचते हुए उसके काटे गए नंबर दिए जाने की मांग किया गया है।