बीएड और डीएलएड को लेकर एनसीटीई ने नई गाइडलाइन किया जारी BED Deled New Guidelines 2025

By: Ashu Singh

On: Friday, July 4, 2025 9:14 PM

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BED Deled New Guidelines 2025: शिक्षक बनने के लिए बीएड और डीएलएड जैसे कोर्स बेहद जरूरी रहते हैं इन कोर्स को लेकर बेहद बड़ी अपडेट सामने आ गया है शिक्षामंत्री और राष्ट्रीय शिक्षक शिक्षा परिषद के द्वारा इन नियमावली को जरूरी बदलाव के दिशा निर्देश जारी कर दिया गया है।

बहुत से अभ्यर्थी समय बचाने वह एक साथ दो डिग्री प्राप्त करने के चक्कर में बीएड और डीएलएड दोनों क्वेश्चन एक साथ ज्वाइन करते थे। लेकिन एनसीटीई के द्वारा जारी की गई नई गाइडलाइन के बाद अब ऐसा करना काफी नामुमकिन है। बेहतरीन व योग्य शिक्षक तैयार करने पर जोर देने के उद्देश्य या सशक्त और जरूरी कदम उठाया गया है।

एक बार में एक कोर्स की अनुमति

एनसीटीई के नई गाइडलाइन के आधार पर आप कोई भी अभ्यर्थी एक ही समय पर बीएड और डीएलएड दोनों क्वेश्चन में एक साथ प्रवेश नहीं ले पाएंगे शिक्षा मंत्रालय और परिषद का यह कहना है कि एक साथ दो कोशिश करने से ना तो अभ्यर्थी का पूरी ध्यान पूरी तरीके से किसी एक रिक्वेस्ट पर हो पता है ना ही उसे ठीक से ट्रेनिंग मिल पाता है। जिसका सीधा असर शिक्षा की क्वालिटी पर पड़ता है। इसलिए अभ्यर्थियों को एक बार में सिर्फ एक ही कोर्स का पूरा करना पड़ेगा फिर चाहे वह बीएड कोर्स रहे या फिर डीएलएड कोर्स है।

इंटर्नशिप की अवधि बढ़ाया गया

इस कोर्स के इंटर्नशिप की अवधि में महत्वपूर्ण बदलाव कर दिया गया है जहां पहले इन क्वेश्चन की इंटर्नशिप की अवधि कम हुआ करता था वही अभी से बढाते हुए 6 महीने कर दिया गया है। इसका यह मतलब है कि अब बीएड और डीएलएड के अभ्यर्थियों को पूरे 6 महीने तक किसी कॉलेज में जाकर पढ़ने का जो रियल एक्सपीरियंस को प्राप्त करना पड़ेगा इससे उन्हें क्लासरूम और छात्रों के बीच का असली माहौल व अनुभव मिल पाएगा वहीं नए नियमित थ्योरी के साथ-साथ प्रेक्टिकल नॉलेज को जरूरी कर दिया गया है।

मान्यता प्राप्त संस्थान से अभ्यर्थी करें बीएड और डीएलएड का कोर्स

एक और सबसे खास जरूरी नियम है कि बीएड और डीएलएड कोर्स केवल वही कॉलेज संस्थान से किया जा सकेगा। जिन्हें ऐसे ठीक के द्वारा मान्यता प्राप्त किया हो पहले कुछ प्राइवेट कॉलेज व संस्थान बिना प्राप्त किसी मान्यता प्राप्त संस्थान से यह कोर्स चल रहे थे। जिसकी वजह से अभ्यर्थियों को फर्जी डिग्री की वजह से नौकरी से हाथ होना पड़ जाता था लेकिन अब सरकार ने इस पर सख्ती दिखाते हुए साफ कर दिया है कि बिना मान्यता प्राप्त संस्थाओं से ली गई डिग्री मन नहीं होगा नहीं यह किसी काम का रहेगा।

ऑनलाइन कक्षा की लिमिटेशन हुआ तय

ऐसे ठीक के द्वारा कहा गया है कि बीएड और डीएलएड कोर्स में से थ्योरी वाले को चैप्टर ही ऑनलाइन पढ़ाया जा सकता है बाकि पूरा कोर्स प्रैक्टिकल ट्रेनिंग या इंटर्नशिप अप्लाई नहीं करना पड़ेगा।

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