8th CPC Salary Hike 2026: भारत सरकार के द्वारा सरकारी कर्मचारी हेतु आठवां वेतन आयोग का गठन जल्द होने वाला है और जिसकी सिफारिशें एक जनवरी 2026 से लागू किए जाने की तैयारी सरकार के माध्यम से की जा रही है। फिटमेंट फैक्टर 2.6 से लेकर 2.86 रहने वाला है और कर्मचारियों की सैलरी में 20% से लेकर 30% तक वेतन वृद्धि व पेंशन का लाभ दिया जा सकता है। देश भर के एक करोड़ से अधिक कर्मचारी और पेंशन धारकों की लगातार मांग को सरकार देखते हुए आठवां वेतन आयोग एक जनवरी 2026 से लागू करने वाली है तेलुगु सैयमन के द्वारा इस तरह की जानकारी दिया गया है।
वित्त मंत्रालय के तमाम सूत्रों के आधार पर फिटमेंट फैक्टर 2.86 का रहने वाला है। जिससे लेवल 2 के कर्मचारियों के मूल वेतन में लगभग 50% का बढ़ोतरी हो सकता है। वहीं केंद्रीय कर्मचारियों के मिनिमम सैलरी 18000 रुपए से बढ़ते हुए सीधा ₹40000 तक हो सकता है। यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि कैबिनेट ने 16 जनवरी 2025 को आठवां वेतन आयोग गठन किए जाने की मंजूरी प्रदान किया था उस समय अश्विनी वैष्णव के तरफ से कहा गया है कि प्रधानमंत्री ने केंद्र सरकार ने सभी कर्मचारियों हेतु आठवां केंद्रीय वेतन आयोग को मंजूरी दे दिया है।
आठवीं वेतन आयोग की अभी तक अधिसूचना क्यों नहीं जारी हुई जाने
अभी तक नए वेतन आयोग के अधिसूचना जारी नहीं किया गया है। जिसको लेकर कर्मचारियों का यह कहना है कि केंद्र सरकार के घोषणा के बाद अभी तक कोई आधिकारिक सूचना जारी नहीं किया गया है। जिसको लेकर कर्मचारी लगातार मांग कर रहे है। सरकार ने यह भी स्पष्ट बयान नहीं दिया है हालांकि 8वां वेतन आयोग से जुड़े अधिकारियों के द्वारा संकेत दिया गया है कि सरकार कर्मचारियों को समझते हुए जल्द आठवां वेतन आयोग को लेकर फैसला लेने वाली है।
कितना मिल सकता है कर्मचारियों को आठवां वेतन आयोग के तहत राहत
अगर आठवां वेतन आयोग की सिफारिश से 2026 से लागू होता है तो अनुमान यह लगाया जा सकता है कि कर्मचारियों का मूल वेतन में 20 से 25 फीसदी तक बढोत्तरी हो सकता है। इसके साथ ही महंगाई भत्ता सहित अन्य भत्तो में भी बढोत्तरी होना लगभग तय माना जा रहा है एक सामान्य ग्रेड के कर्मचारियों 18000 से लेकर 35000 तक बढ़ने वाली है पेंशन धारकों को भी उसी अनुपात में लाभ मिलने का संभावना है।
अभी तक किस आयोग में क्या बड़ा वेतन जाने
पिछले 1 से लेकर सातवां वेतन आयोग के तहत चार्ट की बात किया जाए तो पहले वेतन आयोग 1946 में लागू हुआ था। जिसमें ₹25 से लेकर 800 रुपए तक बेसिक में बदलाव हुआ था। वहीं दूसरा वेतन आयोग 1959 में लागू किया गया था। जिसमें पहली बार महंगाई भत्ता नियमित रूप से बढ़ाया गया था। वहीं तीसरा वेतन आयोग की बात किया जाए तो 1973 में महंगाई भत्ता की अलग से बना था। वही चौथा वेतन आयोग का बात किया जाए तो 1986 में महंगाई भत्ता शौचालय स्लैब से जोड़ दिया गया था। महंगाई भत्ता वेतन आयोग का गठन 1996 में किया गया था। महंगाई भत्ता 50% से ऊपर रहने पर मर्ज कर दिया गया था। छठा वेतन आयोग 2006 से लागू किया गया था और महंगाई भत्ता हर 6 महीने में रिवाइज करने हेतु नियम लागू हुआ वहीं सातवें वेतन आयोग 2016 में लागू किया गया था और महंगाई भत्ते की बजाय मूल वेतन पर आधारित था।
8वां वेतन आयोग घोषित किए जाने की मांग चल रही नियुक्ति की प्रक्रिया

आठवां वेतन आयोग की घोषणा हेतु ऑल इंडिया सेंट्रल गवर्नमेंट एम्पलाइज यूनियन के मासिक के आधार पर सरकार को आठवें वेतन आयोग जल्द से जल्द घोषित किया जाना चाहिए। ताकि कर्मचारियों की आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। वर्तमान वेतन संरचना में संशोधन हो पाए उधर पेंशन धारक संगठनों ने भी सरकार से जल्द से जल्द वेतन आयोग पर निर्णय लिए जाने की मांग किया है। सोशल मीडिया पर कर्मचारियों के अलग-अलग पत्रिकाएं देखने को मिल रहा है। जिसमें महंगाई भत्ता भर्ती आठवीं वेतन आयोग की खबरों की उम्मीद जताई जा रही है लेकिन सरकार के माध्यम से अभी तक छुट्टी नहीं तोड़ा गया है। हालांकि सरकार द्वारा 10 वर्ष में वेतन आयोग का गठन होता है और सातवें वेतन आयोग का कार्यकाल 31 दिसंबर 2025 को समाप्त होने जा रहा है इस हिसाब से 1 जनवरी 2026 से आठवां वेतन आयोग लागू होने की संभावना है।