UP Government School Closed: उत्तर प्रदेश सरकार के माध्यम से उत्तर प्रदेश के ऐसे विद्यालय जिसमें 50 से कम बच्चे नामांकित हैं उन सभी सरकारी विद्यालय को मर्ज किया जाने का बड़ा फैसला ले लिया गया है। बता दिया जाता है उत्तर प्रदेश के सरकारी सरकार की स्कूलों को मर्ज किया जाने के आदेश से प्रदेश के 27000 परिषदीय विद्यालय प्रभावी किया जाने वाला हैं जिसमें लगभग 135000 सहायक अध्यापक को 27000 प्रधानाध्यापक पद समाप्त कर दिया जाएगा। इससे शिक्षामित्र का सेवाएं समाप्त हो जाएगा और दरअसल उत्तर प्रदेश में सरकार के माध्यम से शिक्षा व्यवस्था में काफी बड़ा बदलाव को लेकर महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है और इसके माध्यम से कक्षा 8 तक के सरकारी विद्यालयों को मर्ज किया जाने की प्रक्रिया वर्तमान में जारी है जिसको लेकर बड़े स्तर पर विरोध परिषद पूरे प्रदेश भर में चल रहा है और देश में पिछले 10 वर्ष में कई स्कूल बंद किया जा चुके हैं।
यूपी के इन विद्यालयों को किया जाएगा मर्ज
उत्तर प्रदेश सरकार विद्यालयों को एक विद्यालय से दूसरे विद्यालय में विलय कर रही है जिसे मर्ज करना बताया जा रहा है। आपको बता दिया जाता है कि एक तरह से एक विद्यालय को बंद करते हुए दूसरे विद्यालय में वहां के बच्चों शिक्षकों को विलय किया जा रहा है। जब कैंपस में बच्चे नहीं पढ़ेंगे तब स्कूल एक तरह से बंद ही माना जाएगा। उत्तर प्रदेश में परिषदीय विद्यालयों की संख्या वर्तमान में देखा जाए तो 132000 है यहां कक्षा आठ तक की पढ़ाई कराया जाता है। जिन विद्यालयों में 50 से कम छात्र हैं सरकार द्वारा जारी आदेश के आधार पर काम छात्र वाले स्कूलों को पड़ोस की विद्यालयों के साथ मर्ज किया जाने वाला है। अगर किसी विद्यालय के रास्ते में रेलवे ट्रैक नाल नदी या फिर हाईवे रहता है तो ऐसे ऐसे स्कूलों को मर्ज कर दिया जाएगा।अकेले राजधानी लखनऊ में ही 445 प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालय को मर्ज कर दिया जाएगा।
भारत में वर्तमान शिक्षा को लेकर यह है रिपोर्ट
भारत में स्कूली शिक्षा के संबंध में बात किया जाए तो शिक्षा प्रणाली काफी संघर्ष कर रहा है और ASER 2024 का जारी किया गया। रिपोर्ट का माना जाए तो सरकारी विद्यालयों में केवल 23.4% छात्र कक्षा तीन के है और सार्वजनिक शिक्षा पर व्यय की बात किया जाए तो जीडीपी का सिर्फ 4.6% है जो कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 द्वारा निर्धारित 6% के लक्ष्य को नहीं छुपाया जा रहा है। अब जब सरकार ने हाल ही में तमाम स्कूलों को बंद करने या फिर मर्ज करने का महत्वपूर्ण फैसला लिया है तो इसमें हजारों बच्चों के भविष्य पर सवाल उठना भी शुरू हो गया है।
पिछले 10 वर्षों में इतने स्कूल किए गए बंद
पिछले 10 वर्षों के संबंध में बात कर लिया जाए तो 2014-15 को लेकर से लेकर 2024 तक सरकारी विद्यालयों की संख्या में 8% का कमी देखने को मिला है। जबकि निजी विद्यालयों की बात किया जाए तो लगभग 15% का बढ़ोतरी देखने को मिला है। कुछ समय पहले सरकार ने लोकसभा में इस डाटा को साझा कर दिया था। 2014-15 और 2023-24 के बीच सरकारी विद्यालयों की 11 लाख 7101 से घटकर 1017660 हो चुका है। जबकि निजी स्कूलों की जो संख्या 288164 से बढ़ते हुए 333108 हो गया है। पिछले 10 वर्षों में कुल मिलाकर 89441 विद्यालय बंद हो चुके हैं।
प्रदेश के अनुसार बात कर लिया जाए तो मध्य प्रदेश में सबसे अधिक 29410 स्कूल को बंद कर दिया गया है। इसके बाद उत्तर प्रदेश में 25126 स्कूल पहले ही बंद कर दिया गया है। जो कि सरकारी विद्यालय में 89441 से गिरावट का 7.9% रहता है कुल मिलाकर देखा जाए तो उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में सबसे ज्यादा स्कूल बंद किया गया है इसके बाद जम्मू कश्मीर में 21.4% उड़ीसा में 17.4% और उत्तर प्रदेश में 15% और अरुणाचल प्रदेश में 16 दिसंबर 4% और नगालैंड में 15% और झारखंड में 14% और गोवा में 12.9% और उत्तराखंड में 8.7% स्कूलों में कमियां देखने को मिली हैं।