UP Primary School Educator Good News: उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा विभाग में इस समय काफी बड़ा उलट फेर देखने को मिल रहा है। कम नामांकन वाले विद्यालयों को पड़ोस के दूसरे विद्यालयों के साथ मर्ज किया जा रहा है। ऐसे में बड़ी संख्या में स्कूल कैंपस खाली हो चुके हैं और ऐसे सभी परिषदीय प्राथमिक व कंपोजिट विद्यालय में सरकार ने बाल वाटिका चलाये जाने का आदेश जारी कर दिया है। जिसके अंतर्गत अर्ली चाइल्डहुड केयर एंड एजुकेशन संविदा शिक्षकों की तैनाती की प्रक्रिया को शुरू कर दिया गया है। 19484 संविदा एजुकेटर इन प्राइमरी विद्यालयों में बाल वाटिका कक्षाओं का संचालन करने जा रहे हैं।
बजट को मंजूरी दिए जाने के बाद प्रक्रिया शुरू
शिक्षा मंत्रालय के माध्यम से 113 करोड़ का बजट स्वीकृत किए जाने के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रक्रिया को शुरू कर दिया है। हालांकि पहले चरण की प्रक्रिया काफी पहले से चल रहा था। जिसमें 10000 से अधिक एजुकेटर तैनात किए जाने की प्रक्रिया वर्तमान में गतिमान है कि इसी बीच 8800 और एजुकेटर रखे जाने वाले हैं। यह तैनाती पूरी तरह से संविदा पर 11 महीने हेतु होगी। इन संविदा कार्मिकों को 10313 रुपए प्रति महीना मानदेय पर रखा जाने वाला है।
को लोकेटेड आंगनबाड़ी केन्द्रों में बाल वाटिकाओं को चलाया जाएगा
उत्तर प्रदेश में 133000 परिषदीय विद्यालयों में लगभग 70000 से अधिक को लोकेटेड आंगनबाड़ी केंद्र को संचालित किया जा रहा है। यहां पर 3 वर्ष से 6 वर्ष तक के बच्चों की पढ़ाई को करवाया जाता है। वर्तमान में उनकी जिम्मेदारी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व संबंधित स्कूलों के नोडल शिक्षक के बना हुआ है अब बेसिक विभाग द्वारा जारी किए गए आदेश के बाद यहां जिम्मेदारी ECCE एजुकेटर को मिलने जा रही है यह एजुकेटर बच्चों को प्री प्राइमरी शिक्षा दिए जाने का कार्य करेंगे।
डीएम की अध्यक्षता वाली कमेटी के माध्यम से होगा चयन
उत्तर प्रदेश सचिव के आधार पर जिलाधिकारी के दस्त वाले आठ सदस्य कमेटी एवं संविदा कर्मियों का चयन करने जा रही है। जिसके अंतर्गत डायट प्राचार्य बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी और जिला सेवा अधिकारी आदि सभी यहां पर सम्मिलित रहेंगे। एजुकेटर बनने हेतु स्नातक गृह विज्ञान मुख्य विषय के साथ 50% अंकों के साथ पास होना जरूरी है या फिर नर्सरी अध्यापक या फिर शिक्षा या फिर एनटीटी या फिर सिटी नर्सरी डीपीएससी का 2 वर्ष का डिप्लोमा रखने वाले उम्मीदवार सम्मिलित हो पाएंगे।
उत्तर प्रदेश में 20000 एजुकेटरों की तैनाती
दोनों चरणों को मिलाते हुए लगभग 20 हजार एजुकेटरों की तैनाती प्रदेश भर के आंगनबाड़ी प्री प्राइमरी कक्षा में तो होगा। इन एजुकेशन का प्रमुख कार्य तीन से 6 वर्ष तक के बच्चों को औपचारिक शिक्षा के लिए पूरी तरह से तैयार करना है और निपुण भारत मिशन का लक्ष्य प्राप्त करना प्रमुख तौर पर रहेगा। इसके साथ विभागों के साथ बैठक करते हुए बच्चों की प्रगति से अवगत कराना आदि प्रमुख कार्य रहेंगे साथी संबंधित चाइल्ड प्रोफाइल को तैयार करना इन सभी संविदा एजुकेटर का मुख्य कार्य रहेगा।