यूपी में 11 लाख संविदा कर्मियों को तोहफा, समान वेतन व नियमितीकरण की तैयारियां UP Samvida Outsource Karmchari Big News

By: Ashu Singh

On: Sunday, July 13, 2025 9:20 AM

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UP Samvida Outsource Karmchari Big News: उत्तर प्रदेश के सभी आउटसोर्सिंग संविदा कर्मचारियों हेतु मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के स्तर से बड़ी खबर आ गई है। उत्तर प्रदेश के संविदा कर्मचारियों के लिए लंबे समय से यह इंतजार चल रहा था कि के मामले में कितना बढ़ोतरी होगा और नियुक्ति कारण को लेकर क्या तैयारी हैं यूपी में 11 लाख से अधिक संविदा कर्मी आउटसोर्स सेवा निगम के गठित होने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।

उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम के अंतर्गत सिस्टम में बदलाव हो गया है।अब से जो कर्मी नियुक्त किए जाएंगे उनको मात्र तीन वर्ष तक के लिए नियुक्ति पत्र का आदेश दे दिया गया है। यह जितना कार्य है वह सब काम आउटसोर्स एजेंसियों के माध्यम से किया जाएगा। अभी तक आउटसोर्स सेवा निगम में एजेंसियों को सम्मिलित नहीं किया गया था लेकिन अब आउटसोर्स सेवा निगम में एजेंसियों को सम्मिलित कर लिया गया है।

सरकार के द्वारा एजेंसियों पर पर रखी जाएगी सख्त नजर

मीडिया रिपोर्ट के आधार पर आउटसोर्स एजेंसी के ऊपर सख्त निगरानी रखा जाएगा। आउटसोर्स एजेंसी का यह जिम्मेदारी है कि संविदा कर्मियों को समय पर वेतन दिया जाना आरक्षण का का पूरी तरह से पालन करना व अन्य जरूरी कार्य करना और सरकार के माध्यम से इन सभी बातों पर सख्त नजर रखा जाएगा और इन तमाम कार्यों का रिकॉर्ड रखा जाएगा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के माध्यम से आदेश दिया गया है कि आउटसोर्स सेवा निगम सिर्फ रेगुलेटरी बोर्ड के रूप में काम करने का जिम्मेदारी दिया गया है। इस संगठन का काम यहां होगा कि एजेंसियों पर नजर रखेगी और जांच करेगा कि नियम का सही से पालन हो रहा है या नहीं हो रहा है जो एजेंसी सही से नियम का पालन नहीं करेंगे। उन पर पेनाल्टी लगेगी ब्लॉक लिस्टिंग होगी और कानूनी कार्यवाही इस गठन के माध्यम से किया जाएगा।

संविदा कर्मचारियों ने कई बैठक भी किया और इस बैठक के दौरान 25 अप्रैल को मुख्यमंत्री ने इस मुद्दे पर बड़ी बैठक किया था। जिसमें मुख्य सचिव वित्त विभाग श्रम विभाग व न्याय विभाग आदि के जो अधिकारी है वह सम्मिलित हुए थे। बैठक में श्रम कानून से जुड़ी कई अर्चन देखने को मिली है जिन्हें बाद में दूर कर दिया गया था। पहले योजना कुछ इस प्रकार था कि आउटसोर्स सेवा निगम खुद ही संविदा कर्मियों को नियुक्ति पत्र प्रदान करेगा। मानदेय देगा और सभी सुविधा देगा। लेकिन कुछ विभागों के द्वारा आपत्ति जताया गया कि आगे चलकर यहां कर्मचारी रेगुलर किए जाने का दावा कर सकते हैं और वह समान काम और समान वेतन व नियमित किए जाने की मांग को लेकर कोर्ट तक जा सकते हैं इस डर की वजह से अब आउटसोर्स सेवा निगम में पूरी तरीके से बदलाव हो गया है।

एजेंसियों को लेकर महत्वपूर्ण अपडेट

तमाम मीडिया रिपोर्ट के आधार पर एजेंसियों को फिर से जोड़ दिया गया फैसला यह हुआ है कि सभी नियुक्तियां फिर से आउटसोर्स एजेंसियों के माध्यम से होगा। इससे सरकार समान वेतन व स्थायुक्त की मांग के दायरे में नहीं आएगी और आपको बता दिया जाता है कि आउटसोर्स नियम के माध्यम से अगर मानदेय दिया जाता और सभी सुविधाएं दी जाती तो आगे चलकर यह कर्मचारी रेगुलर किए जाने हेतु हाईकोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक जा सकते थे। जिस वजह से सरकार ने बचाव हेतु एजेंसियों को ही सिस्टम में बनाए रखने का विचार फिर से रख लिया।

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