Old Pension Scheme News: 1 अगस्त 2025 से सरकारी कर्मचारियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी आने वाली है। वर्षों से पुरानी पेंशन स्कीम की वापसी को लेकर कर्मचारियों के चेहरे पर काफी मुस्कान ला दिया है। इस कदम से न केवल वित्तीय सुरक्षा का प्रतीक माना जा रहा है बल्कि सरकारी कर्मचारियों के भविष्य को और भी स्थिरता प्रदान होने जा रहा है इस योजना की पुनः शुरुआत के माध्यम से कर्मचारियों के बीच उत्साह सकारात्मक फैली फैल चुका है।
हरियाणा की नायाब सरकार के द्वारा कर्मचारियों को केंद्र की तर्ज पर ही यूनिफाइड पेंशन स्कीम का लाभ दिए जाने की हरी झंडी प्रदान कर दिया गया है। कर्मचारियों का कहना है कि हमें यूपीएस की बजाय पुरानी पेंशन योजना का लाभ दिया जाए जैसे कि हरियाणा राज्य में 1 अगस्त से यूपीएस चुनने का मौका मिलेगा। लेकिन कर्मचारी का कहना है कि 1 अगस्त से यूपीएस की बजाय OPS चुनने का अवसर प्रदान किया जाए। लेकिन यह तय है कि अभी पुरानी पेंशन स्कीम पर सरकार का कोई विचार वर्तमान में नहीं है।
पुरानी पेंशन योजना बहाली की की जा रही मांग
पुरानी पेंशन योजना बहाली की मांग किया जा रहा है कई विपक्षी दलों के द्वारा कर्मचारी संगठनों द्वारा पुरानी पेंशन योजना को बहाल किए जाने की मांग चल रही है। इस बार के विधानसभा के चुनाव में कांग्रेस के द्वारा सत्ता में आ जाने के बाद पुरानी पेंशन योजना को लागू किए जाने का वादा किया गया था। हालांकि केंद्र की मोदी सरकार के द्वारा पुरानी पेंशन योजना की मांग को खारिज करते हुए न्यू पेंशन स्कीम के साथ यूपीएस लागू किए जाने का ऐलान किया जा चुका है। कर्मचारियों के पास अब दोनों प्रकार के पेंशन योजनाओं का विकल्प मौजूद है।
हरियाणा राज्य में यूपीएस लागू किए जाने के बाद कर्मचारियों के पास यहां विकल्प रहेगा कि वह एनपीएस में रहना चाह रहे हैं या फिर यूपीएस में रहना चाह रहे हैं। वह एक विकल्प यह पहली अगस्त से चुन पाएंगे। लेकिन कर्मचारियों की यह मांग है कि वह 1 अगस्त से पुरानी पेंशन योजना का विकल्प दिया जाए ताकि तीन प्रकार के विकल्प चुनने का कर्मचारियों को अवसर मिले।
25 वर्ष की सेवा पर मिलेगा पेंशन का लाभ
यूपीएस हेतु मुख्य सचिव वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी के द्वारा नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है। जिसके तहत सभी कर्मचारियों को सुनिश्चित पेंशन व पारिवारिक पेंशन और सुनिश्चित न्यूनतम पेंशन का लाभ मिल पाएगा। पेंशन के लाभ सबसे अधिक कौन कर्मचारियों का रहेगा। जो कि 2500 से अधिक की सर्विस पूरा करेंगे। 25 वर्ष के सर्विस के बाद कर्मचारियों को रिटायरमेंट के आखिरी 12 माह के औसत मूल वेतन का 50% प्रतिशत बतौर उनको पेंशन दिया जाएगा।
न्यूनतम पेंशन ₹10000 हुआ तय
इस स्कीम में ₹2000 का न्यूनतम पेंशन राशि इतना कर दिया गया है 10 वर्ष या इससे अधिक की सर्विस के बाद सेवानिवृत्ति होने वाले कर्मचारियों को कम से कम ₹10000 तक का मासिक पेंशन दिया जाएगा। पेंशन भोगी की मृत्यु की स्थिति में परिवार को अंतिम राशि 50 फीसदी मिलेगा। वह पारिवारिक पेंशन दोनों पर लागू रहेगा। इसकी गणना सेवारत कर्मचारियों पर लागू महंगाई भत्ते के समान किया जाएगा। महंगाई राहत केवल तभी देय होगा जब पेंशन भुगतान शुरू हो जाएगा।
इतने प्रतिशत योगदान देगी सरकार
नई पेंशन स्कीम में कर्मचारी 10% अंशदान करते रहते हैं वहीं राज्य सरकार 14% का शेयर देता है वही यूनिफाइड मिशन स्कीम में सरकार का शेयर बढ़ाते हुए 18.5% होने वाला है। एकीकृत पेंशन योजना के तहत कोर्स में दो निधियां सम्मिलित रहेंगी। एक व्यक्तिगत को जिसमें कर्मचारी अंशदान वह हरियाणा सरकार से प्राप्त योगदान सम्मिलित रहेगा। जो हरियाणा सरकार से अतिरिक्त योगदान द्वारा वित्त पोषित फंड के रूप में संचालित रहेगा। योजना के तहत कर्मचारी अपने मूल महंगाई भत्ते का 10% योगदान करेंगे। जिसमें हरियाणा सरकार से मिला बराबर योगदान रहेगा। दोनों राशियां प्रत्येक कर्मचारी के व्यक्तिगत कोष में जमा हो जाएगा।