UP Balvatika School Latest News: उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा विभाग के अधीन जितने भी संचालित प्राथमिक विद्यालय है इसको आंगनबाड़ी बाल वाटिका विद्यालय में बदले जाने की प्रक्रिया को शुरू कर दिया गया है। उत्तर प्रदेश के ऐसे सभी विद्यालय जो कि प्रदेश के विद्यालय में उनको मर्ज कर दिया गया है। उन सभी को अब प्री प्राइमरी स्कूल के रूप में संचालित किया जाएगा और इन विद्यालयों के 500 मीटर के दायरे में जितने भी आने वाले आंगनवाड़ी केंद्र है उनको अन्य विद्यालय में शिफ्ट कर दिया जाने वाला है। इस विद्यालय में 3 वर्ष से लेकर 6 वर्ष तक के बच्चों हेतु बाल वाटिका का शिक्षा प्रदान किया जाएगा। जो कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के साथ संविदा पर नियुक्त होने वाले जो ECCE एजुकेटर है वह मिलकर पढ़ाएंगे।
UP Balavati ka School Latest News
उत्तर प्रदेश में इस समय विद्यालयों की शिफ्टिंग का कार्य बहुत तेजी से चल रहा है। पहले यह परिषदीय विद्यालय उच्च प्राथमिक विद्यालय को पास के विद्यालय में मर्ज कर दिया गया है। अब इन मर्ज होने वाले विद्यालय के खाली कैंपस में बाल वाटिका की पढ़ाई करने हेतु को स्थापित किया जाएगा। जिसको लेकर विभागीय आदेश घोषित कर दिया गया है। अभी रिक्त होने वाले विद्यालयों के कैंपस में 3 वर्ष लेकर 6 वर्ष तक के बच्चों को प्री प्राइमरी के शिक्षा प्रदान किया जाएगा। जिसमें आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, आंगनवाड़ी सहायिका व संविदा पर नियुक्त एजुकेटर इन बच्चों को पढ़ने वाले हैं इन विद्यालयों के कैंपस में भौतिक सत्यापन के बाद सभी आंगनबाड़ी केंद्र इन बंद पड़े विद्यालय में शिफ्ट कर दिया जाएगा।
यूपी के 10827 स्कूलों को किया गया बंद
उत्तर प्रदेश के अभी तक कुल 10827 विद्यालय बंद यानी कि उनको मर्ज कर दिया गया है। यह ऐसे विद्यालय हैं जहां कम नामांकन की वजह से दूसरे विद्यालय में उनका शिफ्ट कर दिया गया है। 10827 विद्यालयों को अपनी प्राइमरी विद्यालयों में परिवर्तित किया जाने वाला है। विभागीय आदेश के आधार पर इन सभी विद्यालयों का भौतिक सत्यापन किए जाने के बाद आंगनबाड़ी बाल वाटिका के रूप में शिफ्ट कर दिया जाएगा। बता दिया जाता है कि उत्तर प्रदेश के तीन वर्ष से 6 वर्ष तक के बच्चों हेतु आंगनवाड़ी में प्राइमरी के शिक्षा प्रदान किया जाता है। जिसमें आंगनवाड़ी कार्यकर्ता पर आंगनबाड़ी सहायिका बच्चों को शिक्षा प्रदान किया जाता है। उनकी सहायता हेतु सरकार ने लगभग 20 और संविदा एजुकेटर की तैनाती का अधिसूचना जारी कर दिया है। जिसमें पहले चरण की प्रक्रिया वर्तमान में चल रही है दूसरे चरण की प्रक्रिया भी शुरू हो गया है।
1 लाख से अधिक ECCE एजुकेटर संविदा की होगी तैनाती
तमाम मीडिया रिपोर्ट के आधार पर प्रदेश में 1 लाख से अधिक आंगनबाड़ी केन्द्रों को चिन्हित कर लिया गया है। जिन आंगनबाड़ी बाल वाटिका का पढ़ाई करने हेतु लगभग 10000 संविदा एजुकेटर का तैनाती होगा। सरकार के माध्यम से 10288 संविदा एजुकेटर के तैनाती की प्रक्रिया शुरू किया गया है। कई चरणों में प्रक्रिया पूरा हो जाएगा सभी चरणों को मिलाकर 11000 संविदा एजुकेटर तैनात किए जाने का योजना बनाया गया है। आने वाले कुछ समय में सरकार प्री प्राइमरी यानी कि बाल वाटिका शिक्षा को पूरी तरह से संविदा कर्मियों के हवाले कर देने वाली है। जिसमें पहले से आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका संविदा पर यहां पर तैनात थे। जो कि लंबे समय से मानदेय बढोत्तरी की यह मांग कर रहे हैं वहीं 13000 रुपए मानदेय पर ECCE एजुकेटर तैनात किया जाने वाला है। कुल मिलाकर उत्तर प्रदेश के प्राइमरी शिक्षक संविदा कार्मिकों के द्वारा संचालित किया जाने वाला है।

