संविदा कर्मियों को मिली राहत, कोर्ट ने परमानेंट किए जाने का आदेश जारी किया Contract Employees Good News

By: Ashu Singh

On: Saturday, July 5, 2025 8:22 PM

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Contract Employees Good News: संविदा कर्मचारी जो कि संविदा यानी कि कांटेक्ट पर कार्य कर रहे हैं। उनके लिए काफी महत्वपूर्ण अपडेट आ चुका है। संविदा कर्मियों को अब राहत की सांस है। क्योंकि हाई कोर्ट ने उनकी कई सालों की मांगों को पूरा कर दिया है और तमाम मीडिया रिपोर्ट के अनुसार इलाहाबाद हाई कोर्ट ने संविदा कर्मचारियों के पक्ष में महत्वपूर्ण फैसला सुना दिया है। हाई कोर्ट के द्वारा यहां जो फैसला दिया गया है यदि कोई ऐसा संविदा कर्मचारी यानी कि कांटेक्ट एम्पलाई है जो कि सरकारी काम को लगातार कई वर्षों से कर रहे हैं हाई कोर्ट ने इस पर सख्त आदेश भी दे दिया है।

हाई कोर्ट का यहां पर कहना है कि संविदा कर्मचारियों के माध्यम से लगातार सेवा काफी जरूरी है। जहां पर संस्थान ने संविदा कर्मचारियों को हटाने से नहीं रोका। वह लगातार कम कर रहे हैं जहां उन्हें रेगुलर करने पर विचार होना जरूरी है इस फैसले के तहत तमाम सुविधा कर्मचारियों के अंदर खुशी की लहर दौड़ गई है।

हाई कोर्ट ने सरकारी उद्यान के मामले पर लिया फैसला

हाई कोर्ट के माध्यम से लिए गए फैसले को देखते हुए आगरा के सरकारी उद्यान माली कार्य कर रहे थे और संविदा कर्मचारियों का एवं मामला है इन कर्मचारियों ने हाई कोर्ट में याचिका का को दायर किया था जिसे कोर्ट के द्वारा स्वीकार किया गया था और तमाम मीडिया रिपोर्ट के अनुसार हाईकोर्ट ने चयन समिति यानी की सिलेक्शन कमिटी को गठित करने का आदेश दे दिया है। वह इन कर्मचारियों की अपील पर दोबारा विचार जरूर करें और सिलेक्शन समिति को यह भी चाहिए कि याचिका कर्ता की बात को जरुर सुना जाए और नियमित किए जाने की प्रक्रिया को नए सिरे से जरूर देखा जाए।

आपको बता दिया जाता है इलाहाबाद हाई कोर्ट ने अभी कह दिया है कि अनुच्छेद 16 के तहत सभी नागरिकों को सम्मान जरूर मिलना चाहिए अगर कोई संविदा कर्मचारी कई वर्षों से सेवा दे रहे हैं तो उसे भी स्थाई नौकरी का असर मिलना जरूरी है ऐसे मामलों में सिर्फ तकनीकी कारणों से रेगुलर किए जाने का इनकार करना संविधान का यहां पर उल्लंघन है।

लगातार कार्य कर रहे संविदा कर्मी रेगुलर किए जाने के हैं हकदार

यह पक्ष में माध्यम से बताया गया है कि 1998 से लेकर 2001 के बीच संविदा पर नौकरी उन्होंने शुरू किया था तब से आज तक उन्हें लगातार ड्यूटी किया है केवल कुछ कृत्रिम अवकाश को छोड़ते हुए इस को कोर्ट ने गंभीरता से नहीं माना है और कहा है कि कर्मचारी फिर भी लेवल किए जाने की हकदार है। 2016 में सूचना के माध्यम से कर्मचारियों ने रेगुलर किए जाने हेतु आवेदन किया था। लेकिन चयन समिति ने आवेदन को नामंजूर कर दिया था और इसके बाद कर्मचारियों ने हाई कोर्ट में अपील किया था लेकिन एकल पीठ के द्वारा राहत नहीं दिया गया था अब डिवीजन बेंच ने उनके पक्ष में महत्वपूर्ण फैसला सुना दिया।

आदेश आने के बाद संविदा कर्मियों में जगी उम्मीद

आपको बता दिया जाता है कि हाई कोर्ट के माध्यम से दिया गया यह फैसला से आगरा के संविदा कर्मियों के लिए नहीं बल्कि देश भर के लाखों संविदा कर्मियों के लिए एक मिसाल साबित हो सकता है। जो भी संविदा कर्मचारी जो कि कई वर्षों से लगातार सेवा में है वह इस आधार पर कोर्ट में यात्रा को दाखिल अब कर सकते हैं।

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