NEET UG PG News: मेडिकल कॉलेज में रिश्वत लेकर मान्यता प्रदान किए जाने संबंधी फर्जीवाड़ा मामला सामने आए जाने के बाद नेशनल मेडिकल के द्वारा मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस व पोस्टग्रेजुएट सीटों को बढाये जाने पर रोक लगा दिया गया है।
एमबीएस कोर्स में अगर आप भी दाखिला लेना चाह रहे हैं तो नीट यूजी छात्रों को लगातार दूसरे वर्ष झटका मिला है। जैसे कि पिछले वर्ष जहां पेपर लीक मार्क्स इंफ्लेशन व एमबीबीएस की जो हाई कटऑफ है जिसकी वजह से छात्र काफी आहत हुए थे। वहीं अब उन्हें मेडिकल कॉलेज रिश्वतखोरी मामला काफी बड़ा नुकसान पहुंचाने वाला है। कॉलेज को मान्यता दिलाए जाने हेतु लाखों करोड़ों रुपए की रिश्वत का मामला सामने आ जाने के बाद एमबीबीएस और पीजी सीटों को बढ़ाया जाने की प्रक्रिया को रोक दिया गया है। राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग के माध्यम से यह घोषणा किया गया है कि वह शैक्षिक वर्ष 2025-26 हेतु नए मेडिकल कॉलेज व मेडिकल यूजी व पीजी सीटों में वृद्धि या फिर रिन्युअल हेतु मजूरी नहीं प्रदान करेगा।
देशभर में 40 से अधिक मेडिकल कॉलेज ने हेरा फेरी करके मान्यता प्राप्त किया
जैसा कि रिपोर्ट यह आई है कि देशभर में कुल 40 से अधिक मेडिकल कॉलेज है जहां पर फिर रिश्वत फर्जी रिकॉर्ड व निरीक्षण में हेरा फेरी करते हुए उनके द्वारा मान्यता प्राप्त किया गया है। यह भी है की एमसीसी की विभिन्न टीम और बिचौलियों और मेडिकल कॉलेज के प्रतिनिधियों के बीच लाखों रुपए का रिश्वत का लेनदेन का हवाला के जरिए यह किया गया था। मेडिकल संस्थानों को रिश्वत देकर धोखाधड़ी से मंजूरी प्रदान किया गया था।
न तो नयी सीट, न तो नए कॉलेज और रिन्युअल पर लगी रोक
इस घोटाले के आने के बाद एनएमसी के द्वारा सख्त फैसला लिया गया है और कहा गया है कि 2025-26 हेतु इन मेडिकल संस्थानों में स्नातक व स्नातक कोर्स में जो मौजूदा सीट हैं उसका रिन्युअल नहीं होगा। इसके अलावा 2025-26 हेतु मेडिकल एसेसमेंट एंड रेटिंग बोर्ड के माध्यम से प्राप्त स्नातक और स्नातकोत्तर दोनों को हेतु सीटों में वृद्धि व अन्य कोर्स शुरू किए जाने के आवेदन को रद्द किया जाएगा और उन पर आगे कोई कार्रवाई नहीं किया जाएगा।
नई सीट का ऐड होना और नए मेडिकल कॉलेज का खुलना उन विद्यार्थियों के लिए काफी बड़ी उम्मीद रहती है। जो कि कट ऑफ मार्क्स के बिल्कुल आगे पर रहते हैं तो ऐसे में अगर सीट इस वर्ष बढ़ाए जाने की वजह कम होती है तो सैकड़ो अभ्यर्थियों के सपना टूटना तय माना जा रहा है।