School Students Fail Pass New Rule: अब बच्चों को फेल भी किया जा सकता है और पढ़ाई से कोताही बरतने पर सजा दिया जाएगा। उड़ीसा सरकार के माध्यम से नो डिटेंशन की डील को खत्म कर दिया है और अब कक्षा पांचवी और आठवीं में सालाना परीक्षा में फेल हो जाने पर अगली क्लास में तरक्की को रोक दिया जाएगा।
उड़ीसा सरकार के द्वारा स्कूली पढ़ाई हेतु काफी बड़ा फैसला ले लिया गया है। अब राज्य में पांचवी और आठवीं कक्षा के बच्चों को वर्ष के अंत में परीक्षा देना पड़ेगा और जो बच्चे नहीं पास होंगे उन्हें फेल कर दिया जाएगा। उड़ीसा राइट ऑफ चिल्ड्रन टू फ्री एंड कंपल्सरी एजुकेशन रूल्स 2010 में काफी बदलाव कर दिया गया है और इस फैसले से 9 जुलाई को औपचारिक रूप से लागू कर दिया गया है।
छात्रों को किया जाएगा फेल नियम लागू
टीओआई की रिपोर्ट को मान जाए तो स्कूल और जन शिक्षा विभाग के माध्यम से जारी नोटिफिकेशन के आधार पर जो छात्र सालाना परीक्षा में फेल होंगे। उन्हें 2 महीने के भीतर रिमेडियल क्लासेस यानी की विशेष शिक्षक प्रदान किया जाएगा। इसके बाद परीक्षा दोबारा लिया जाएगा अगर बच्चे उसमें पास नहीं होते हैं तो उन्हें इस कक्ष में रोक दिया जाएगा और फिर से इस कक्ष में वह पढ़ेंगे।
हालांकि सरकार के द्वारा साफ कर दिया गया है कि कोई भी छात्र प्राथमिक शिक्षा पूरी करने से पहले स्कूल से उनको नहीं निकाला जाएगा। यानी बच्चा फेल हो जा रहा है तो स्कूल से बाहर उनको नहीं किया जाएगा लेकिन अगली कक्षा में उनको नहीं भेजा जाएगा।
फेल पास हेतु जोड़ दिया गया नया नियम
यह फैसला केंद्र सरकार के माध्यम से 2019 के शिक्षा कानून संशोधन के बाद ले लिया गया है। जिसमें राज्यों के अधिकार दे दिया गया है कि वह छात्रों का मूल्यांकन जरूर करें और जरूरत पड़ने पर उन्हें रोका भी ताकि जा सके। इसी की वजह से उड़ीसा सरकार ने अपने शिक्षा नियमों में नया नियम 14A जोड़ दिया है। जिसमें विस्तार से आपको बता दिया गया है कि किन परिस्थितियों में बच्चों को अगली कक्षा में जाने से रोका जा सकता है यह जो कदम है पुराने नो डिटेंशन पॉलिसी के ठीक उलट यहां पर है जिसमें बच्चों को बिना पास किए हुए अगले कक्षा में बढ़ा दिया जाता था ताकि वह पढ़ाई से बिल्कुल कट न जाए और सरकार ने पढ़ाई को लेकर सख्त रूख अपनाते हुए यहां नियमों में परिवर्तन कर दिया गया है।